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राम मंदिर के लिए सत्ता भी गंवानी पड़ी तो कोई समस्या नहीं होगी; सीएम योगी
जनता जनार्दन संवाददाता ,
Mar 21, 2025, 20:01 pm IST
Keywords: राम मंदिर अयोध्या सीएम योगी
![]() अयोध्या: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को अयोध्या पहुंचकर स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य केवल सत्ता नहीं, बल्कि राम मंदिर का निर्माण और सांस्कृतिक पुनरुत्थान है. उन्होंने कहा कि अगर राम मंदिर के लिए सत्ता भी छोड़नी पड़े, तो भी कोई समस्या नहीं होनी चाहिए. हनुमानगढ़ी और रामलला के दर्शन सीएम योगी शुक्रवार सुबह 10 बजे हेलिकॉप्टर से रामकथा पार्क पहुंचे, जहां भाजपा नेताओं और समाजवादी पार्टी से बागी विधायक अभय सिंह ने उनका स्वागत किया. इसके बाद उन्होंने हनुमानगढ़ी में पूजा-अर्चना की और रामलला के दर्शन किए. इस दौरान उन्होंने मंदिर परिसर के निर्माण कार्यों का करीब 20 मिनट तक निरीक्षण भी किया. अब उपद्रव नहीं, उत्सव मनाए जा रहे योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब विकास के रास्ते पर है, जहां उपद्रव की जगह उत्सव हो रहे हैं. उन्होंने उत्तर प्रदेश की आर्थिक प्रगति पर प्रकाश डालते हुए बताया कि पिछले आठ वर्षों में राज्य की अर्थव्यवस्था में काफी तेजी से वृद्धि हुई है. उन्होंने कहा- 8 साल पहले उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था 12.75 लाख करोड़ रुपए थी. आज यह बढ़कर 27.51 लाख करोड़ रुपए हो गई है. प्रति व्यक्ति आय पहले 43,000 रुपए थी, अब यह 1 लाख रुपए तक पहुंच गई है. युवाओं को मिला आर्थिक सहयोग सीएम योगी ने कला और साहित्य महोत्सव में हिस्सा लिया, जहां उन्होंने 1148 युवाओं को 47 करोड़ रुपए के चेक वितरित किए. उन्होंने कहा कि अगर दृढ़ इच्छाशक्ति हो, तो अवसरों की कोई कमी नहीं होती. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को दोहराते हुए कहा कि युवा अब नौकरी लेने वाले ही नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले भी बन रहे हैं. अयोध्या आने वाले श्रद्धालु हमारे अतिथि योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राम जन्मभूमि पर देशभर से हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आ रहे हैं, और यह न केवल आस्था का केंद्र है बल्कि आजीविका का भी माध्यम बन रहा है.
आस्था भी रोजगार का माध्यम बन सकती है मुख्यमंत्री ने बताया कि 2024 में अयोध्या में 16 करोड़ श्रद्धालु आए, जबकि हाल ही में महाकुंभ में 66 करोड़ लोग शामिल हुए.
अब भारतवासी होने पर गर्व सीएम योगी ने कहा कि 15 साल पहले लोग खुद को भारतवासी कहने से हिचकिचाते थे, लेकिन अब स्थिति बदल गई है. उन्होंने यूरोप की यात्रा का एक अनुभव साझा करते हुए बताया कि एक टैक्सी ड्राइवर, जो पाकिस्तान के पंजाब से था, खुद को भारतीय बताने में सहज महसूस करता था. इसका कारण पूछने पर उसने कहा, "भारत का नाम लेने से हम सुरक्षित महसूस करते हैं. |
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