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अच्छी सड़क चाहिए तो टोल देना होगा, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का एलान

जनता जनार्दन संवाददाता , Mar 20, 2025, 19:46 pm IST
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अच्छी सड़क चाहिए तो टोल देना होगा, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का एलान

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में एलान किया कि सरकार जल्द ही एक नई टोल नीति लेकर आएगी, जिससे उपभोक्ताओं को उचित रियायतें मिलेंगी. उन्होंने बुधवार को राज्यसभा में यह बयान दिया और कहा कि भारत के बढ़ते सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए टोल की आवश्यकता है, लेकिन सरकार इसे अधिक यूजर-फ्रेंडली बनाने के लिए काम कर रही है.

"अच्छी सड़क चाहिए तो टोल देना होगा"

गडकरी ने टोल प्रणाली का बचाव करते हुए कहा, "यह विभाग की नीति है कि अगर आपको अच्छी सड़क चाहिए, तो उसकी कीमत चुकानी होगी." हालांकि, उन्होंने यह स्वीकार किया कि टोल व्यवस्था में कुछ समस्याएं हैं, जिनका समाधान नई नीति के तहत किया जाएगा. इसके साथ ही, उन्होंने बताया कि सरकार असम में बड़े स्तर पर इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है, जिसमें 3 लाख करोड़ रुपये की लागत से फोर-लेन और सिक्स-लेन हाईवे, साथ ही ब्रह्मपुत्र नदी पर कई पुलों का निर्माण किया जाएगा.

उपभोक्ताओं पर अत्यधिक बोझ नहीं डालना चाहती सरकार

गडकरी ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार बाजार से फंड जुटा रही है, इसलिए टोल वसूली जरूरी है, लेकिन सरकार उपभोक्ताओं पर अत्यधिक बोझ नहीं डालना चाहती. उन्होंने कहा, "हम केवल फोर-लेन सड़कों पर टोल वसूल रहे हैं, टू-लेन सड़कों पर नहीं."

टोल प्लाजा की गलत लोकेशन पर होगी कार्रवाई

गडकरी ने यह जानकारी भी दी कि 2008 के नेशनल हाईवे फी रूल्स के तहत, एक ही हाइवे पर 60 किलोमीटर के भीतर दूसरा टोल प्लाजा नहीं लगाया जा सकता. हालांकि, कुछ मामलों में अपवाद हो सकते हैं, जिन्हें नई नीति में ठीक किया जाएगा. गडकरी ने कहा, "सत्र खत्म होते ही हम नई टोल नीति का एलान करेंगे, जिससे यह समस्या हल होगी और उपभोक्ताओं को उचित छूट मिलेगी. इसके बाद टोल को लेकर कोई विवाद नहीं रहेगा."

टोल वसूली में बढ़ोतरी

भारत में टोल कलेक्शन में हाल के वर्षों में भारी बढ़ोतरी देखी गई है. 2023-24 में टोल कलेक्शन 64,809.86 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो पिछले साल की तुलना में 35 प्रतिशत अधिक है. 2019-20 में यह आंकड़ा सिर्फ 27,503 करोड़ रुपये था.

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