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राष्ट्रपति शासन लगने के 14 दिन बाद हो गया एक बड़ा सरेंडर

जनता जनार्दन संवाददाता , Feb 27, 2025, 19:41 pm IST
Keywords: Manipur Meitei surrender   मणिपुर   राष्ट्रपति शासन    Manipur News  
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राष्ट्रपति शासन लगने के 14 दिन बाद हो गया एक बड़ा सरेंडर मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू करने के बाद गृह मंत्रालय की कोशिशें रंग ला रही हैं. प्रशासन की ओर से सरेंडर और लूटे गए हथियारों की वापसी के आदेश और अपील का असर देखने को मिल रहा है. ताजा बड़ी कामयाबी यानी खुशखबरी की बात करें तो प्रेसिडेंट रूल के 14 दिन बाद एक बड़ा सरेंडर हुआ है. मुख्य धारा में लौटने का वादा करके आए लोग अपने साथ बहुत भारी तादाद में लूटे हए हथियार लेकर वापस आए हैं.

मैतेई संगठन 'अरामबाई टेंगोल' के सदस्यों ने 25 फरवरी को मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से मुलाकात के बाद आज अपने हथियार डाल दिए.

आपको बताते चलें कि पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेंद्र सिंह के इस्तीफे के साथ ही प्रदेश में राष्ट्रपति शासन (President’s Rule in Manipur) लग गया था. मणिपुर में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की और ओर से नए नेता के बारे में कोई फैसला नहीं किया जा सका तो ऐसी स्थिति में राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया था.

हालांकि एन बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद बीजेपी के पूर्वोत्तर प्रभारी संबित पात्रा ने राज्य के पार्टी विधायकों के साथ कई दौर की बातचीत की थी. लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका. पिछले कुछ दिनों में संबित पात्रा ने राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से दो बार मुलाकात की, फिर भी गतिरोध बरकरार रहा था. आपको बताते चलें कि 12वीं मणिपुर विधानसभा का पिछला सत्र 12 अगस्त, 2014 को संपन्न हुआ था.

कुछ दिन पहले भल्ला की नियुक्ति ऐसे समय में हुई थी, जब प्रदेश ने 2023 से जातीय हिंसा के कई दौर देखे. 26 नवंबर 1960 को पंजाब के जालंधर में जन्में भल्ला 1984 बैच के असम-मेघालय कैडर के आईएएस अधिकारी हैं. अजय भल्ला ने बतौर केंद्रीय गृह सचिवअपनी सेवाएं दी हैं. गृह सचिव के रूप में भल्ला का कार्यकाल कई बार बढ़ाया गया, अगस्त 2023 में उन्हें चौथा विस्तार मिला और 22 अगस्त 2024 तक वे गृह सचिव के पद पर रहे. इससे वे पद पर पांच साल पूरा करने वाले केवल दूसरे केंद्रीय गृह सचिव बने और इसके बाद वे रिटायर हो गए. मई 2023 में केंद्रीय गृह सचिव के रूप में भल्ला के कार्यकाल के दौरान मणिपुर में जातीय हिंसा भड़क उठी थी.
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