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मन की बात के 119वें एपिसोड में ऐसा क्यों बोले पीएम मोदी?

जनता जनार्दन संवाददाता , Feb 23, 2025, 15:16 pm IST
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मन की बात के 119वें एपिसोड में ऐसा क्यों बोले पीएम मोदी?

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मन की बात के अपने 119वें एपिसोड में लोगों से "एक दिन वैज्ञानिक के रूप में" बिताकर राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाने का आग्रह किया, जिससे बच्चों और युवाओं में विज्ञान के प्रति जिज्ञासा बढ़ेगी. प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि युवाओं की विज्ञान में रुचि बहुत मायने रखती है.

क्या बोले पीएम मोदी?

उन्होंने कहा, "आने वाले दिनों में हम राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाएंगे. हमारे बच्चों और युवाओं की विज्ञान में रुचि और जुनून बहुत मायने रखता है. मेरे पास इस बारे में एक विचार है, जिसे 'एक दिन वैज्ञानिक के रूप में' कहा जा सकता है; यानी आप एक दिन वैज्ञानिक के रूप में बिताने की कोशिश करें. आप अपनी सुविधा या इच्छा के अनुसार कोई भी दिन चुन सकते हैं. आपको उस दिन किसी रिसर्च लैब, प्लेनेटेरियम या स्पेस सेंटर जैसी जगहों पर जाना चाहिए. इससे विज्ञान के प्रति आपकी जिज्ञासा बढ़ेगी."

इसके अलावा, पीएम मोदी ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की प्रशंसा करते हुए कहा कि इसने अपने प्रक्षेपण में "शतक" हासिल किया है.

उन्होंने कहा, "पिछले महीने, देश ने इसरो के 100वें रॉकेट प्रक्षेपण का गवाह बना. यह महज एक संख्या नहीं है, बल्कि यह अंतरिक्ष विज्ञान में निरंतर नई ऊंचाइयों को प्राप्त करने के हमारे संकल्प को दर्शाता है. हमारी अंतरिक्ष यात्रा बहुत ही सामान्य तरीके से शुरू हुई. इसमें हर कदम पर चुनौतियां थीं, लेकिन हमारे वैज्ञानिक आगे बढ़ते रहे, उन पर विजय प्राप्त करते रहे. समय के साथ, अंतरिक्ष उड़ान में हमारी उपलब्धियों की सूची लंबी होती जा रही है."

'इसरो की सफलता का दायरा काफी बड़ा'

प्रधानमंत्री ने कहा, "चाहे प्रक्षेपण यान का निर्माण हो, या चंद्रयान, मंगलयान, आदित्य एल-1 की सफलता हो या एक रॉकेट से एक साथ 104 उपग्रहों को अंतरिक्ष में भेजने का अभूतपूर्व मिशन हो. इसरो की सफलता का दायरा काफी बड़ा रहा है. पिछले 10 वर्षों में, लगभग 460 उपग्रहों को प्रक्षेपित किया गया है और इनमें कई अन्य देशों के उपग्रह भी शामिल हैं." प्रधानमंत्री ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि अंतरिक्ष वैज्ञानिकों की टीम में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है.

पीएम मोदी ने कहा, "मुझे यह देखकर भी बहुत खुशी हो रही है कि आज अंतरिक्ष क्षेत्र हमारे युवाओं का पसंदीदा बन गया है. कुछ साल पहले, किसने सोचा होगा कि इस क्षेत्र में, स्टार्ट-अप और निजी क्षेत्र की अंतरिक्ष कंपनियों की संख्या सैकड़ों तक पहुंच जाएगी? हमारे युवा जो जीवन में कुछ रोमांचक और रोमांचक करना चाहते हैं, उनके लिए अंतरिक्ष क्षेत्र एक बेहतरीन विकल्प बन रहा है."

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